Saturday, November 7, 2009

हरे भरे उपहार

 रिक्शा वाला  सोच रहा था ये पागल दीपावली के दिन ये क्या कर रहे हैं...



 खुद काम करने में जो मजा है, वो दूसरों से कराने में कहाँ...





कुछ झलकियाँ....


 और कुछ झलकियाँ आप देख सकते हैं... यहाँ

हरित दीपावली

इस बार से हमने अपने त्योहारों को मनाने का तरीका बदल दिया है. अब से कोई भी ग्रीन ग्रुपियन दीपावली पर पटाखे नहीं चलाएगा, न ही  हम मिठाईयां बाँटेंगे... बल्कि इसकी जगह हम ऐसे सन्देश और उपहार बाँटेंगे जो इस देश दुनिया को और हरा और सुन्दर बनाने में मदद करे....


Mission Plantation 2009 Complete

This year we could not plant all the trees under our own supervision, due to some unavoidable reasons. Only 250 could be planted under our direct supervision, rest 500, precisely, were planted through an NGO Gramin Evam Pariyavaran Sanstha, run by brother of Shri Rajendra Singh, Jal Purush. However, we are happy that despite many problems this year we were able to plant 750 trees in all. We will better our performance next time.
And yes, as for the sustenance of the trees, we are sure of at least 75% success rate, as they have been planted mostly in schools etc.

Saturday, August 22, 2009

वृक्षारोपण 2009

आज हमने २०० (यानि इस साल के कुल मिलाकर अब तक २५० हो गए ) और नए पौधे लगाये। ये पौधे हमने जल पुरूष श्री राजेंद्र जी की संस्था जल बिरादरी एवं उसकी सहयोगी संस्था ग्रामीण विकास एवं पर्यावरण संस्था के सहयोग से ग्राम डोला , जिला बागपत में एक इंटर कॉलेज, एक प्राईमरी कॉलेज , एवं एक चिकित्सालय में लगवाएं। बच्चों ,विशेष रूप से नर्सरी के बच्चों, का उत्साह देखने योग्य था। कुछ झलकियाँ...........
नर्सरी में ढूंढों और छांटो

फ़िर रिक्शा में ले चलो




काश हर जगह ऐसी ही ठंडक हो जाए....








छोटे छोटे पर उत्साही












सबने मिलकर काम किया, धरती का कल्याण किया....




















बाल श्रम....?? नही नहीं हमने इन्हे रोका , पर ये शैतान कहाँ मानने वाले थे....



तारे ज़मीन पर.......













राधा और लक्ष्मी..... गाती हैं कोरस में बहनें ....




छुटकू ..... प्यारा सा कुची कुची....




























मेरे सर पर चढ़ बैठे..... नन्हे नन्हे प्यारे....
धरती की बगिया में, खिले ये कितने सारे.....

























छोटे छोटे बच्चों ने कितना जल्दी काम किया....
एक एक पेड़ को सबने अपना अपना नाम दिया....
















सबने मिलकर हाथ लगाया , धरती का मन हर्षाया..........







इंटर कॉलेज के बच्चे , कुछ कच्चे , कुछ सच्चे....




















रस्ते में मिला मिनी ऑटो.... या कहें नैनो ऑटो.... हा हा हा हा





और हम देखते हैं सपना, की शीशे से उतर कर हकीकत में आ जाए ये हरियाली .... हर और....
ग्रीन ग्रुप.... जिंदाबाद..... हा हा हा हा




Sunday, August 16, 2009

बच्चे मन के सच्चे......

प्रिया बालियान: भोलापन अनलिमिटिड (प्रथम पुरस्कार विजेता )
प्रिया को उसके घर स्कूल , आस पड़ोस में सभी बहुत प्यार करते हैं, करें भी क्यूँ नही प्रिया है ही इतनी नेकदिल और हमेशा हंसने वाली लड़की... प्रिया को पेंटिंग करना अच्छा लगता है, पर बेडमिन्टन तो उसकी जान है । प्रिया अभी बस नौवीं कक्षा में ही पढ़ रही है, पर उसके सपने उसके भोलेपन की ही तरह अनलिमिटिड हैं। प्रिया को गणित, अंग्रेजी और प्राणिविज्ञान पसंद है । और बड़े होकर प्रिया सिविल सर्वेंट बनना चाहती है . हम कामना करते हैं की वो जीवन में अपना एक अलग मुकाम हासिल करें . आमीन ...

हिमानी : एक बहुमुखी व्यक्तितत्व (द्वितीय पुरस्कार विजेता )
हिमानी की खासियत क्या है ? अब एक हो तो बताऊँ .... वो बहुत सुंदर सुंदर पेंटिंग्स बनाती है, वो म्यूजिक कंपोज कर लेती है, वो कविता भी लिखती है और गाने भी, उसे निबंध लिखने में मजा आता है और भाषण देने में भी। वो डांस भी कर लेती है और चेस भी खेल लेती है । और कहाँ तक गिनाऊँ , पर ये सब अलग , वो पढने में भी बहुत अच्छी है । उसके सपने भी बहुत बड़े और बहुत अच्छे हैं। उसे इस देश की सेवा करनी है और आई० ए० एस० या आई० पी० एस० ही बनना है । हम दुआ करते हैं की उसका ये सपना जरुर पूरा हो...

सपना गोयल : मैं बनूँगी चार्टर्ड अकाउंटएंट ( तृतीय पुरस्कार विजेता )
सपना का सपना है चार्टर्ड अकाउंटएंट बनने का । ग्यारहवी कक्षा में पढ़ रही सपना को गणित के सवाल निकालने में बहुत मजा आता है । आश्चर्यजनक! पर और बच्चों की तरह सपना गणित से बिल्कुल नही डरती। और सपना शतरंज भी खेलती है, एक दिन शायद आनंद साहब को भी हरा दे ( हा हा हा....)।
उनके घर की एक खास बात.... दिल थम कर सुनियेगा..... उनके घर में पिछले ४ सालों से कोई भी टेलीविजन नहीं देखता है। सपना के माता पिता को साधुवाद की अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य की खातिर उन्होंने इतना बड़ा त्याग किया है। वैसे भी इस बुद्धू बक्से से जितना दूर रहा जाए उतना अच्छा....
सपना को उसके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं...





Saturday, August 15, 2009

हरियाली 2009 पुरस्कार वितरण समारोह....









बारिश
ने मजा किया कुछ,.... किरकिरा,
जो थोड़े नाजुक मिजाज थे , वो टप- टप हुयी और निकल लिए......




पुलिस भी आ गई , पर चोर को पकड़ने नहीं , नन्हे मुन्नों को कुछ सिखाने और समझने,
हम तो हो गए पुलिस के बदलते रूप के दीवाने....


सपना को मिला तीसरा स्थान,
आदरणीय शास्त्री जी से उसने , ग्रहण किया अपना इनाम.....

खुश है हिमानी पाकर , नम्बर ,.....अपना दूसरा .....
कहती है , बनकर आई ० ए० एस० , बडौत का नाम करुँगी ऊँचा


करुँगी देश की सेवा , बनकर नागरिक सच्ची ....


खत्म हुआ प्रोग्राम , हमारे बंधू , आज हुए आजाद...
लगा तिरंगा मोटर पर , घूमे सारी रात....





15 अगस्त 2009 : क्या होगा इस देश का यारों....

आजादी की ६३ वीं वर्षगांठ हर्षौल्लास के साथ संपन्न हो गई। पर हम यूँ भी कह सकते हैं कि हर बार की ही तरह फ़िर एक बार 15 अगस्त हमने रस्म अदायगी की तरह निभा दी। और ये सिर्फ़ इस छोटे से बडौत कस्बे के लोगों पर ही लागू नही होता , बल्कि इस देश के ज्यादातर नागरिकों ने, नौकरशाहों ने, नेताओं ने और अभिनेताओं ने , सभी ने स्वंतंत्रता दिवस को (independence day, so called) एक रस्म की तरह निभा दिया है । रस्म इसलिए कि हम हर बार आते हैं , कुछ भाषण देते हैं, कुछ गीत सुनाते हैं और फ़िर देश के सामने खड़ी सारी समस्याओं से नजरें चुराकर निकल जाते हैं। हम सब जानते हैं कि हमारा ही वोट हमारे खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है, हमारे ही पैसे पर नेता लोग गुलछर्रे उडा रहे हैं। इस देश के सामने विकट समस्यायें खड़ी हैं परन्तु हमें कोई नेतृत्व नहीं मिल पा रहा। समाज विकारों से भरा है, पर इलाज करने वाला कोई नही । हमारे लालच का, हमारे स्वार्थ का कोई अंत नहीं हो रहा है।

पर हम आँखें मूंदे इस उम्मीद में प्रार्थना रत हैं कि कहीं से कोई फ़रिश्ता आ जाएगा जो इस देश की रक्षा करेगा । जबकि आज ये स्पष्ट हो चुका है कि अब फरिश्तों ने पैदा होना छोड़ दिया , अब तो अजमल आमिर कसाब जैसे मानवता के दुश्मन पैदा होते हैं , या इस जैसे लोगों का समर्थन करने वाले घर-बाहर के आका ! गरीबी, भुखमरी , अशिक्षा, बीमारियाँ और महामारियां, बढती हुयी जनसंख्या और उसके साथ बढ़ता प्रदूषण , बेरोजगारी, गुंडागर्दी,भय एवं असुरक्षा का माहौल, नक्सलवाद, आतंकवाद, और ना जाने कितनी समस्याएं कई सालों से हमारा पीछा नहीं छोड़ रही हैं। इतनी निराशा ! इतना अँधेरा ! कौन है जो हमें इस सब से आज़ाद कराएगा ? कौन है जो हमारी इन बेडियों को काटेगा ? कब तक हम यूँ ही इन्तजार करते रहेंगे ? सोचिये और भयभीत हो जाएये या दूसरा रास्ता ये है कि सोचना छोड़ कर अपनी हिस्सेदारी निभाना शुरू कीजिये और भयभीत होना छोड़कर उन्हें भय से भीत करना शुरू कर दीजिये । अब ये आपके ऊपर है कि आप कौन सा रास्ता चुनते है

जय हिंद, जय भारत !!

विशेष उल्लेखनीय


शुभम (क्रिस्तु ज्योति पब्लिक स्कूल)

विजेता कलाकृतियां (चित्र को बड़ा करके देखने के लिए उस पर क्लिक करें )

प्रथम पुरस्कार विजेता : प्रिया बालियान
द्वितीय पुरस्कार विजेता : हिमानी

तृतीय पुरस्कार विजेता : सपना गोयल


हरियाली 2009 के परिणाम

हरियाली 2009 के परिणाम आज 15 अगस्त 2009 को घोषित किए जा रहे हैं । परिणामों की घोषणा करने से पहले हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं की परिणामों का निर्धारण 6 जजों के पैनल द्वारा किया गया जिन्होंने प्रतियोगिता की थीम , प्रतियोगी की कल्पनाशक्ति, कलात्मकता आदि बिन्दुओं के आधार पर विजेता का निर्धारण किया है। इसलिए कोई पेंटिंग देखने में बहुत अच्छी लगने मात्र से ही विजेता नहीं हो सकती। परन्तु साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाना चाहिए कि जिन बच्चों को दूसरा , तीसरा या सांत्वना पुरस्कार मिला है उनकी पेंटिंग विजेता से ख़राब है या कम अच्छी है ऐसा नहीं है , बस बात केवल इतनी सी है कि विजेता का निर्धारण किसी एक पक्ष को ध्यान में रखकर नहीं किया जा सकता। इसलिए हमारा सभी प्रतियोगियों से निवेदन है की वो बिल्कुल भी ये न समझे कि उनका प्रयास अच्छा नही था। सभी का प्रयास बहुत शानदार था। सभी में कुछ कर दिखाने का जज्बा है, सभी में कुछ बन जाने का हौसला है, सभी में वो जागरूकता है जिसकी इस देश को, इस धरती को जरुरत है। अतः आपसे हमेशा ऐसे ही जोश-ओ-खरोश की उम्मीद करते रहेंगे। धन्यवाद...................................
और अंत में .......
"हार जीत तो होती है, इसमे कोई बात नही.... हमने जीवन से क्या सीखा , ........यही जरुरी है..."
प्रथम पुरस्कार (1000/- रूपये एवं स्कूल को चल वैजयंती) : प्रिया बालियान ( कक्षा 9, तक्षशिला विद्या वाटिका )
द्वितीय पुरस्कार (500/- रूपये एवं ट्राफी): हिमानी सरोहा (कक्षा 9, चौधरी केहर सिंह दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल )
तृतीय पुरस्कार (250/- रूपये एवं ट्राफी ): सपना गोयल (कक्षा 11, A.T.S. पब्लिक स्कूल )
सांत्वना पुरस्कार :
1 . मनीष पटेल ( कक्षा 8, तक्षशिला विद्या वाटिका )
2. पूजा महेश्वरी (कक्षा 10, एंजेल'स पब्लिक स्कूल )
3. करण (कक्षा 10, क्रिश्तु ज्योति पब्लिक स्कूल )
4. शुभम (कक्षा 10, क्रिश्तु ज्योति पब्लिक स्कूल )
5. ऋषभ जैन ( कक्षा 9, A.T.S. पब्लिक स्कूल )
6. ज्योति (कक्षा 9, होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल )
7. हिना (कक्षा 9, होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल )

Monday, August 10, 2009

हरियाली 2009 : हो गई है शुरुआत







और हरियाली 2009 व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। हालाँकि समय के अभाव के कारण एक तो हम ही अपने शहर के सभी स्कूलों को आमंत्रित नहीं कर पाये, तो कही कुछ स्कूलों में रक्षाबंधन और फ़िर दूसरा शनिवार होने के कारण बच्चों को सूचना नहीं दी जा सकी , तो कुछ स्कूलों में टर्म एग्जाम्स के कारण वें हरियाली 2009 में भाग नहीं ले पाए। परन्तु इन सब दिक्कतों के बावजूद बडौत शहर के 15 स्कूलों के 30 बच्चों (हर स्कूल से केवल दो, प्रतियोगिता के नियमानुसार ) ने प्रतियोगिता में भाग लिया ,यही अपने आप में अच्छी बात है। विद्या सागर स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती नीरज लता जी का हम हार्दिक धन्यवाद देते हैं
जिनके

सहयोग से प्रतियोगिता इतने अच्छे तरीके से संपन्न हो पाई , और साथ में उन सभी स्कूलों का जिन्होंने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। धन्यवाद के पात्र हैं वें सभी साथी भी जिन्होंने अपना अमूल्य समय दिया। और अंततः सभी छात्रों का धन्यवाद जिन्होंने अपनी पेंटिंग्स में दिखाया की वो जानते हैं धरती क्या कष्ट झेल रही है , जिस बात को हम उन्हें समझाना चाहते थे वो उन्होंने समझ ली , इसके लिया उनका धन्यवाद।
और एक सवाल हम सभी के लिए :- हम इन बच्चों को कैसा भविष्य देना चाहेंगे?
इस सवाल का जवाब ढूँढते रहिये , हम फ़िर लौटेंगे हरियाली 2010 के साथ। नमस्कार.......

कुछ कृतियां ........ थीम "धरती माँ का भविष्य" The Future Of Mother Earth

आप सभी आमंत्रित हैं छोटे छोटे बच्चों की कृतियों को देखने समझने के लिए और यह बताने के लिए भी कि आपको उनमें सबसे अच्छी कौन सी लगी ...........................पहले, दूसरे और तीसरे स्थानों के लिए.....
(इन्टरनेट पर दर्शाने के लिए चित्रों को संकुचित किया गया है , जिससे उनकी शार्पनेस कुछ कम हो गई है, कृपया इस तथ्य को ध्यान में रख कर चयन करें)
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